schizophrenia Can be Cured

All about Schizophrenia

सिज़ोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक बीमारी है जो किसी व्यक्ति के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है। सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित लोगों को ऐसा लग सकता है कि उनका वास्तविकता से संपर्क टूट गया है, जो उनके और उनके परिवार और दोस्तों के लिए चिंताजनक हो सकता है। सिज़ोफ्रेनिया के लक्षण सामान्य होते हैं और, रोजमर्रा की गतिविधियों में भाग लेना मुश्किल बना देते हैं l

सिज़ोफ्रेनिया के लक्षण:-

👉मतिभ्रम- सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित लोग ऐसी चीजें सुन, देख, सूंघ या महसूस कर सकते हैं जो कोई और नहीं करता ।

सिज़ोफ्रेनिया में मतिभ्रम के प्रकारों में शामिल हैं:

-श्रवण: व्यक्ति अक्सर अपने सिर में आवाजें सुनता है।

-तस्वीर: किसी को रोशनी, वस्तुएं, लोग या पैटर्न दिखाई दे सकते हैं।

-घ्राण और स्वादवर्धक: इसमें अच्छी और बुरी गंध और स्वाद शामिल हो सकते हैं। किसी को यह विश्वास हो सकता है कि उन्हें ज़हर दिया जा रहा है और वे खाने से इंकार कर सकते हैं।

-स्पर्शनीय: इससे आपके शरीर पर हाथ या कीड़े जैसी चीज़ों के चलने का अहसास होता है।

-भ्रम: प्रभावित व्यक्ति सोच सकता है कि कोई टीवी के माध्यम से उनके मस्तिष्क को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है या एफबीआई उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है ।

-उत्पीड़क भ्रम: यह महसूस करना कि कोई आपके पीछे पड़ा है या आपका पीछा किया जा रहा है, शिकार किया जा रहा है, फंसाया जा रहा है या धोखा दिया जा रहा है ।

-दैहिक भ्रम: ये शरीर पर केन्द्रित होते हैं। व्यक्ति सोचता है कि उन्हें कोई भयानक बीमारी या विचित्र स्वास्थ्य समस्या है जैसे त्वचा के नीचे कीड़े या कॉस्मिक किरणों से क्षति

-इरोटोमैनिक भ्रम: किसी व्यक्ति को यह विश्वास हो सकता है कि कोई सेलिब्रिटी उनसे प्यार करता है या उनका साथी धोखा दे रहा है

भ्रमित विचार और अव्यवस्थित वाणी सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित लोगों को अपने विचारों को व्यवस्थित करने में कठिनाई हो सकती है । जब आप उनसे बात करेंगे तो हो सकता है कि वे आपका अनुसरण न कर पाएं । इसके बजाय, ऐसा लग सकता है कि वे अपना ध्यान भटका रहे हैं या जब वे बात करते हैं तो उनकी बातें अव्यवस्थित और अर्थहीन हो सकती हैं ।

👉ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना: उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति टीवी शो देखते समय यह ट्रैक नहीं कर सकता कि उसमें क्या चल रहा है ।

👉सञ्चालन संबंधी विकार: सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित कुछ लोग बेचैन लग सकते हैं । कभी-कभी वे एक ही तरह की हरकतें बार-बार करेंगे । लेकिन कभी-कभी वे घंटों तक बिल्कुल स्थिर रह सकते हैं, जिसे विशेषज्ञ कैटेटोनिक कहते हैं। आम धारणा के विपरीत, इस बीमारी से पीड़ित लोग आमतौर पर हिंसक नहीं होते हैं ।

📍 सिजोफ्रेनिया के कारण:-

(1) आनुवंशिकी (Genetics)

(2) मस्तिष्क के विकास में अंतर  (Differences in brain development)

(3) न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters)

न्यूरोट्रांसमीटर ऐसे रसायन होते हैं जो मस्तिष्क कोशिकाओं के बीच संदेश ले जाते हैं ।  ऐसा माना जाता है कि सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित लोगों के मस्तिष्क में कुछ न्यूरोट्रांसमीटरों की मात्रा अलग-अलग हो सकती है । इससे पता चलता है कि न्यूरोट्रांसमीटर सिज़ोफ्रेनिया के विकास में भूमिका निभाते हैं।

(4) गर्भावस्था और जन्म संबंधी जटिलताएँ (Pregnancy and birth complications)

(5) ट्रिगर: कभी भी किसी भी बात, विचार, कृत्य का ट्रिगर हो जाना

(6) दवाई का दुरूपयोग: अध्ययनों से पता चला है कि दवाओं, विशेष रूप से कैनबिस, कोकीन, एलएसडी या एम्फ़ैटेमिन का उपयोग करने से सिज़ोफ्रेनिया, मनोविकृति या इसी तरह की बीमारी विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। यदि लोगों को पहले मनोविकृति या सिज़ोफ्रेनिया के एपिसोड हुए हैं, तो दवाओं का उपयोग करने से दोबारा बीमारी हो सकती है या लक्षणों को बेहतर होने से रोका जा सकता है।

💊एलॉपथी में इलाज:-💊

सिज़ोफ्रेनिया के इलाज़ में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को Antipsychotics कहा जाता है । इनमें Second-generation antipsychotics, First-generation antipsychotics और long-acting injectable antipsychotics शामिल हैं l

अधिकांश केस में यह दवाएं जीवन भर लेनी पड़ती हैं। इन दवाओं के लगातार लेने पर कई प्रकार के दुष्प्रभाव आ सकते हैं जैसे कंपकंपी, शरीर में कठोरता, बेहोशी, कम ऊर्जा, महिलाओं में मासिक धर्म की हानि, शरीर में तरल पदार्थ की अधिकता आदि ।

सिज़ोफ्रेनिया के लिए आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है, भले ही लक्षण कम हो गए हों।

🌻Schizophrenia औऱ Sakha Wellness की थेरेपी🌻

सखा वैलनेस की थेरेपी सिज़ोफ्रेनिया का पूर्णतः इलाज़ करती है । हम जानते हैं कि सिज़ोफ्रेनिया एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जिसमें डोपामाइन की मात्रा आवश्यकता से कम या ज़्यादा हो जाती है ।

यही असुंतलन  व्यक्ति को वास्तविकता से दूर भ्रम (delusions) की ओर ले जाता है और बीमारी पैदा करता है । इस थेरापी के माध्यम से मस्तिष्क में डोपामाइन की उचित मात्रा पुनर्स्थापित होती है जिससे यह बीमारी सिर्फ कंट्रोल ही नहीं, पूरी तरह  से ठीक होती है ।

इसके साथ साथ  सखा वैलनेस की थेरेपी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार अन्य हॉर्मोन व विटामिन की भी कमी पूरा करती है

🌻सखा वैलनेस में बिना किसी भी प्रकार की दवाई, बिना diet chart या exercise के आप इस समस्या से पूर्णतः बाहर आ सकते हैं l

इलाज़ का तरीका अति सुगम है, जिसमें हायड्रोजन थेरेपी, राग (Raga) थेरेपी, ज्योतिष चिकित्सा  औऱ योग निद्रा की मदद से आप कितनी भी पुरानी शिज़ोफ्रेनिक हिस्ट्री से बाहर आ सकते हैं ।

►सखा वेलनेस में हम, सिज़ोफ्रेनिया सहित, सभी प्रकार की बीमारियों के लिए शून्य दुष्प्रभाव के साथ एक सुरक्षित और प्राकृतिक उपचार (Natural treatment approach with zero side effects) दृष्टिकोण प्रदान करते हैं

►समग्र और प्राकृतिक उपचार (Holistic and natural treatments) के लिए हमारा दृष्टिकोण रोगी की Overall Wellness को प्राथमिकता देता है और उन्हें अपने स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखने और एक पूर्ण जीवन जीने के लिए सशक्त बनाता है ।🙌🏼

📲Contact – + 91-8288863788, +91-9878887980

#Sakha #sakhawellnessofficial #sakhaquote #Schizophrenia   #lovedharma #shashanksakha #health #healthyliving #healthiswealth #healthylifestyle #schizophreniaawareness

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *